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41
أَوَلَم يَرَوا أَنّا نَأتِي الأَرضَ نَنقُصُها مِن أَطرافِها ۚ وَاللَّهُ يَحكُمُ لا مُعَقِّبَ لِحُكمِهِ ۚ وَهُوَ سَريعُ الحِسابِ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

और उनसे हिसाब लेना हमारा काम है क्या उन लोगों ने ये बात न देखी कि हम ज़मीन को (फ़ुतुहाते इस्लाम से) उसके तमाम एतराफ (चारो ओर) से (सवाह कुफ्र में) घटाते चले आते हैं और ख़ुदा जो चाहता है हुक्म देता है उसके हुक्म का कोई टालने वाला नहीं और बहुत जल्द हिसाब लेने वाला है